अरुणा द्वारा Inheritors-चक्रवर्ती
संगम तक | नवम्बर, 2008 8 वीं | श्रेणी: पुस्तक समीक्षा | नहीं टिप्पणियाँ » चक्रवर्ती का काम एक दुर्लभ साहित्यिक उपलब्धि है, लेकिन अंग्रेजी में भारतीय लेखन में बेमिसाल है
अंतरा दत्ता का कहना है
बंगाल में 19 वीं सदी के मोड़ पर वैसे एक राष्ट्रवाद के उद्भव के सबसे शक्तिशाली स्थलों में से एक है, जाति के मुद्दों के आसपास संघर्ष, महिलाओं की शिक्षा, सामाजिक सुधार और आधुनिकता. मातृभाषा बांग्ला साहित्य के इतिहास के इस क्षण captures [...]




